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Friday, September 21, 2018

Lok Sabha Elections 2019 | अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं को दिया निर्देश.......

लोकसभा चुनाव 2019

Lok Sabha Elections 2019 | अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं को दिया निर्देश.......

Lok Sabha Elections 2019 | लोकसभा चुनाव से पहले सपा के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav चुनाव की तैयारी में लगे हैं। इसी बीच सपा व बसपा के गठबंधन की खबरें भी आ रही हैं और हाल ही में अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में भाजपा सरकार को टक्कर देने के लिए वह बसपा व कांग्रेस के साथ गठबंधन भी कर सकते हैं। 


राज्य में हुए उपचुनाव के परिणाम को देखते हुए शायद अखिलेश यादव फिर से गठबंधन की नीति को अपनाकर भाजपा सरकार को करारी टक्कर दे सकते हैं, क्यूंकि उपचुनाव में सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को भारी बहुमत से पीछे छोड़ दिया था, इसे देखते हुए यह आंकलन किया जा सकता है कि अगर सपा-बसपा मिलकर चुनाव लड़ती हैं, तो भाजपा को Lok Sabha Elections 2019 में कड़ी टक्कर दे सकती हैं। अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर यह भी कहा है कि इसके लिए सीटों की कुर्बानी भी देनी पड़े तो मैं दे दूंगा लेकिन किसी भी तरह से केंद्र की सत्ता से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना मेरा लक्ष्य है।

सपा कार्यकर्ताओं को दिया निर्देश

अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि जिला स्तर पर अपनी तालमेल बढ़ाएं। दोनों दलों के बीच सहयोग और संपर्क जितना संभव हो सके मजबूत किया जाए। उन्होंने पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं को छात्रसंघ चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और उनसे अनुशासन में रहने व अपनी-अपनी शैक्षिक संस्थान में पढ़ने-लिखने वाले माहौल को बनाए रखने के निर्देश दिए।

Wednesday, August 22, 2018

राजनीति को स्वच्छ करना जरूरी है -प्रकाश सिन्हा

सरकार हमें जो दिखाती है, हम वही देखते हैं। अपना विवेक खो चुके हैं। भक्ति देश की होनी चाहिए, पर भक्ति सरकार की होती है। सरकार तो आनी-जानी है, पर देश आनी-जानी नहीं है। यह ध्यान रहे।

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जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब विपक्ष कहता था कि बिहार में जंगलराज है। जब नीतीश कुमार ने लालू यादव और राहुल गांधी से गठबंधन कर सरकार बनायी तो कहा गया कि नीतीश ने जंगलराज वालों से मिलकर सरकार बनायी है और अब जब नीतीश ने पलटी मारकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनायी, तब भी बिहार की जनता सुरक्षित नहीं है और वहां जंगलराज कायम है। दरअसल, बिहार ही नहीं, पूरे हिन्दुस्तान के राज्यों की स्थिति यही है। सारा प्रशासन तंत्र और पुलिस सिर्फ राजधानी में चुस्त रहती है। हालांकि राजधानी में भी क्राइम कम नहीं होते। पर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। 

बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली कोई भी जगह ऐसी नहीं है, जहां अपराध नहीं हो रहे हैं। महिला उत्पीड़न, बाल उत्पीड़न, वृद्ध उत्पीड़न क्या बचा हुआ है? चोरी, डकैती, हत्या, बलवे, रेप और अब ये पिछले 4 सालों से मॉब लिंचिंग क्या नहीं हो रहा है? मैं यह नहीं कह रहा कि ये सब नरेन्द्र मोदी के ही राज में हो रहे हैं। अपराध तो पहले से ही होते आ रहे हैं। महिला पूर्ववर्ती सरकारों में भी अपमानित हो रही थी। मैं हर घटना का बयान यहां पर नहीं कर सकता। ये जरूर है कि मॉब लिंचिंग मोदी के राज में ही शुरू हुए। बलात्कारों को लेकर जैसे अपमानजनक बयान दिये जाते रहे, मॉब लिंचिंग के आरोपियों को सम्मानित किया जाता रहा, वैसे में क्या अपराध रुक पायेंगे? मेरे पास इतना डेटा, शर्मनाक बयानबाजी, गलीज घटनाएं हैं कि एक पूरी किताब बन जाये। अपराधी जब संसद में आ जाये, तब अपराध कैसे रुके? 


सभी दलों में अपराधी तत्व हैं, कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़कर। अखबार जनता को चुनाव के पूर्व ही बता देते हैं कि किसका क्या रेकॉर्ड है, इसके बावजूद आप अपराधियों को ही वोट देते हैं तो अपराध कैसे रुके? आक्रोशित होने का कोई लाभ नहीं है। तह तक पहुंचना होगा। भाजपा से लेकर हर पार्टी अपराधियों को प्रश्रय देती है। और अब तो हद हो रही है। 


राजनीति को स्वच्छ करना जरूरी है। शौचालयों, नैपकिन, सफाई आदि में जनता को काफी भरमाया गया है। इन बातों की आड़ में मूल बातों से ध्यान हटाया गया है। पर भक्ति है कि टूटती नहीं। आंखों पर पड़ा पर्दा हटता नहीं। सरकार हमें जो दिखाती है, हम वही देखते हैं। अपना विवेक खो चुके हैं। भक्ति देश की होनी चाहिए, पर भक्ति सरकार की होती है। सरकार तो आनी-जानी है, पर देश आनी-जानी नहीं है। यह ध्यान रहे।

Sunday, August 12, 2018

जन धन खाताधारकों के लिए खुशखबरी, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री कर सकते हैं बड़ा ऐलान

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 32 करोड़ से अधिक जनधन खाताधारकों के लिए कई तरह के फायदों का ऐलान कर सकते हैं। इसका लक्ष्य सरकार के वित्तीय समावेशन अभियान को मजबूत करना है। आधिकारिक सूत्रों ने इस सूचना की सूचना दी। सूत्रों के अनुसार जो जानकारी मिल रही है की प्रधान मंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत, खाता धारकों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा को दोगुना किया जा सकता है।

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सूत्रों के मुताबिक, सरकार आकर्षक कार्ड बीमाधारकों से मुफ्त दुर्घटना बीमा की राशि के साथ आकर्षक माइक्रो बीमा योजना भी घोषित कर सकती है,जिसमें रुपे कार्ड होल्डर्स को मिलने वाले मुफ्त दुर्घटना बीमा की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिनके पास पहले से ही बैंक खाते हैं, उन्हें प्रधान मंत्री की पेंशन योजना के लाभों का लाभ उठाने के लिए एक नया खाता खोलने की जरुरत नहीं है। ऐसे व्यक्ति को उनके वर्तमान खाते के लिए एक रुपे कार्ड जारी किया गया है ताकि वे दुर्घटना बीमा का लाभ उठा सकें। मौजूदा खाते पर ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जा सकती है। 18 से 70 साल के बीच सभी रूपे कार्ड धारकों को एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा मिलेगा।

Monday, July 16, 2018

राहुल गाँधी ने ऐसा क्या कह दिया की बॉलीवुड उन पर बरसा रहा है प्यार

राहुल गाँधी ने ऐसा क्या कह दिया की बॉलीवुड उन पर बरसा रहा है प्यार

'सेक्रेड गेम्स' पर राहुल गांधी का ट्वीट

बॉलीवुड की तरफ से राहुल गाँधी की तारीफ की जा रही है। दरअसल इस तारीफ की वजह है राहुल गाँधी के जरिये किया गया एक ट्वीट। राहुल के इस ट्वीट के बाद जहां सोशल मीडिया यूजरों ने उन्हें काफी ट्रोल किया वहीं बॉलीवुड के दिग्गजों ने उन्हें खूब सराहा। अनुराग कश्यप ने राहुल के ट्वीट को रीट्वीट कर लिखा- "ये हुई न बात (दैट्स अ येय...)"। आखिर इस ट्वीट में उन्होंने क्या कहा और उनकी इतनी तारीफ क्यों हो रही है और यह ट्वीट उन्होंने किया क्यों। ......... आइये जानते हैं ......

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नेटफ्लिक्स पर आने वाली अनुराग कश्यप की वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। पहले तो कुब्रा सैत के न्यूड सीन ने सुर्खियां बटोरी फिर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर की गयी टिप्पणी ने। हालाँकि विवादित डायलॉग बोलने के आरोपी एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। वहीं, इस मामले पर राहुल के ट्वीट के बाद बॉलीवुड उन पर प्यार बरसा रहा है। बतादें कि कांग्रेस नेता राजीव सिंहा ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी और शो के निर्माताओं के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि शो में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया है।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी करार दिया है। राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट किया था, भाजपा या आरएसएस का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण होना चाहिए। मेरा मानना है कि यह स्वतंत्रता मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है। मेरे पिता देश की सेवा में जिए और मर गए। उन्होंने कहा कि एक काल्पनिक प्रोग्राम उनके पिता (राजीव गांधी) की छवि को नुकसान नहीं पहुंचा सकता।

Tuesday, June 26, 2018

मुझे प्रधानमंत्री नहीं बनना है, मुझे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना है : अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav says have to become the chief minister of Uttar Pradesh once again
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव महागठबंधन के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी को 2019 में हराने की तैयारी में लगे हुए हैं। समाजवादी पार्टी इसके लिए बसपा से मिलकर तैयारियां कर रही है। पार्टी पदाधिकारियों से मिलकर अखिलेश यादव रणनीति बनाने में लगे हैं। इसके बाद भी वे कहते हैं की उनकी इच्छा प्रधानमंत्री बनने की नहीं है। एक चैनल के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुझे देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना है, मुझे तो सिर्फ एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री ही बनना है। दरअसल साल 2019 में प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, ‘मैं इतना बड़ा सपना नहीं देखता कि देश का प्रधानमंत्री बन जाऊं। मुझे देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना है, मुझे तो सिर्फ एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री ही बनना है और प्रदेश के विकास कार्यो को आगे बढ़ाना है।’

अखिलेश यादव की इच्छा है कि देश का अगला प्रधानमंत्री भी उत्तर प्रदेश से ही हो, वह खुद एक बार फिर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और मुख्यमंत्री बनकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा की, "अभी तक तो यही होता आया है कि उत्तर प्रदेश से ही कोई प्रधानमंत्री बनता आया है। हम यही चाहते हैं कि कोई नया प्रधानमंत्री बने और उत्तर प्रदेश से ही बने। देश की पसंद हमारी पसंद बन जाएगी और देश को क्या मिला, देश इसका आकलन करेगा।"

BSP से गठबंधन की बात पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2019 का लोकसभा चुनाव बसपा के साथ मिलकर लड़ेगी, इस समझौते के लिए हमें कोई कुर्बानी देनी पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि सीटों के बंटवारे को लेकर मैं इस समय कुछ नहीं बोलूंगा। हम मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं।"

राहुल गांधी पर चर्चा किए जाने पर अखिलेश यादव का कहना है कि , "सपना देखना बुरी बात नहीं है, लेकिन कांग्रेस को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। हम साथ हैं, लोकसभा चुनाव में भी साथ रहेंगे। कई और भी पार्टियां साथ आएंगी।"

Saturday, June 9, 2018

मोदी की विदेश यात्राएं, आइये जानें पहले चार साल के कार्यकाल में किसने कितनी यात्राएं कीं

मोदी की विदेश यात्राएं, आइये जानें पहले चार साल के कार्यकाल में किसने कितनी यात्राएं कीं

नरेंद्र मोदी अपनी बहुत ज्यादा विदेश यात्राओं को लेकर हमेशा चर्चा और विवादों में रहे हैं। प्रधानमंत्री के रूप में विदेशी मेहमान बनने के मामले में नरेंद्र मोदी हाल के दौर के दूसरे प्रधानमंत्रियों से आगे निकल गए हैं। विदेशी मामलों पर वार्ता करने में जितनी सक्रियता मोदी ने दिखाई है, शायद इतनी सक्रियता किसी और प्रधानमंत्री ने दिखाई हो। विपक्ष ने भी मोदी पर इस बात को लेकर कई बार निशाना साधा कि वे भारत में कम और विदेश में ज्यादा समय बिताते हैं।

बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेघालय विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान के दूसरे चरण के प्रारंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि, 'मैं सभी की तरफ से इस पीएम मोदी (प्रधानमंत्री) से अनुरोध करना चाहूंगा कि जब वह अपनी किसी विदेश यात्रा पर जाएं तो दूसरे मोदी (नीरव) को भी साथ में लेते आएं। हम अपनी गाढ़ी कमाई को वापस पाकर एक राष्ट्र के रूप में बड़े आभारी होंगे।' बता दें कि नरेंद्र मोदी ने मई 2014 को पीएम पद संभाला था। मोदी ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी दूसरे प्रधानमंत्री के मुकाबले अब तक सबसे ज्यादा बहुपक्षीय और द्विपक्षीय विदेशी दौरे किए हैं। उन्होंने अपने विदेशी दौरों की शुरुआत भूटान से की।

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन समिट (एससीओ) में हिस्सा लेने चीन के किंगदाओ पहुंचे। चार साल में उनकी चाइना के लिए ये 5वीं यात्रा है। तो चलिए जान लें कि पहले चार साल के कार्यकाल में किसने कितनी यात्राएं कीं। दैनिकभास्करडॉटकॉम में छपी एक खबर के अनुसार नरेंद्र मोदी ने 4 साल में 83 देशों की यात्रायें की। जबकि मनमोहन सिंह ने पहले 4 साल में 34 देशों की यात्रायें की, अटल बिहारी वाजपेयी ने पहले 4 साल में 30 देशों की यात्रायें की, पीवी नरसिंह राव ने पहले 4 साल में 28 देशों की यात्रायें की, राजीव गांधीने पहले 4 साल में 47 देशों की यात्रायें की, इंदिरा गांधीने पहले 4 साल में 42 देशों की यात्रायें की, जवाहर लाल नेहरू ने पहले 4 साल में 4 देशों की यात्रायें की। (पूरे कार्यकाल में 67 देशों की यात्रायें की)

आइये Wikipedia पर एक नजर डालते हैं। 


Monday, June 4, 2018

बंद हो सकते हैं ये चार बैंक! मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

बंद हो सकते हैं ये चार बैंक! मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

सरकार बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। जिसके तहत आईडीबीआई, ओबीसी, सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को मिलाकर एक बड़ा बैंक बनाया जा सकता है। ऐसा होने पर यह बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद दूसरा बड़ा बैंक बन जाएगा। बता दें कि देश का बैंकिंग सेक्टर लगातार घाटे में चल रहा है। बैंकों के घाटे की वजह से सरकार पर लगातार वित्तीय दवाब बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर में सुधार लाने के लिए सरकार ने 4 बैंकों को मर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। 

इन चारों बैंकों के मर्जर के बाद तैयार होने वाले नए बैंक की कुल संपत्ति लगभग 16.58 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। मर्जर के बाद नया बैंक अपनी संपत्ति आसानी से बेच सकेगा और घाटे की भरपाई की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। गौरतलब है कि इन बैंकों का विलय सरकार के लिए इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि 2018 में इन चारों बैंकों का कुल घाटा लगभग 22 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। 

इस मेगा मर्जर से होने वाले फायदों पर नज़र डालें तो कमजोर बैंकों को अपनी एसेट बेचने में मदद मिलेगी, खस्ताहाल सरकारी बैंकों की हालत में सुधार होगा व कर्मचारियों की छंटनी करना भी आसान होगी इसके अलावा घाटे वाली ब्रांचों को आसानी से बंद किया जा सकता है और साथ ही बैंकों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च भी कम किया जाएगा।

Thursday, May 31, 2018

4 में से 1 लोकसभा सीट जीत पाई भाजपा, विधानसभा में भी मिली करारी हार

4  में से 1 लोकसभा सीट जीत पाई भाजपा, विधानसभा में भी मिली करारी हार

देश के अलग-अलग राज्यों की 4 लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के आए नतीजों में बीजेपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है जबकि एक सीट एनडीए के सहयोगी दल ने जीती है. कैराना और भंडारा-गोदिया की सीट उसके हाथ से निकल गई है। वैसे उपचुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना कोई नयी बात नहीं है। 

साल 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद से पार्टी को लगातार उपचुनावों में हार का ही सामना करना पड़ा है। देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों की बात करें तो उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड में विपक्षी दलों के महागठबंधन ने भाजपा को करारी मात दी है। 

उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नुरपूर विधानसभा सीट पर अखिलेश-मायावती-अजीत चौधरी की तिकड़ी मोदी और योगी पर हावी रही है बता दें कि कर्नाटक की सीट को छोड़ दिया जाए, तो कुल 14 सीटों के उपचुनाव में से बीजेपी ने अपने सहयोगी पार्टियों के साथ मिलकर सिर्फ 4 पर जीत हासिल की, जबकि 10 सीटों विरोधी पार्टियों के खाते में गईं। वहीं 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद देश में कुल 27 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें से बीजेपी को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली। जबकि, 8 सीटें विरोधी दलों ने छीन ली।

Thursday, May 24, 2018

इंटरनेट सनसनी बनीं कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी की बीवी राधिका कुमारस्वामी

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कर्नाटक की राजनीति ने देश की राजनीति को नया मोड़ दिया है. कर्नाटक में नई सियासत का आगाज हो चुका है. कर्नाटक के किंग के रूप में कुमारस्वामी कुर्सी पर बैठ चुके हैं लेकिन, पिछले दिनों जो उनकी निजी जीवन में जो कुछ हुआ वह पूरे देश ने देखा. बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद इन दिनों इंटरनेट पर एक महिला खूब ट्रेंड हो रही है. सोशल मीडिया पर उनके बारे में काफी कुछ लिखा जा रहा है. वह महिला कोई और नहीं, कन्नड़ एक्ट्रेस राधि‍का कुमारस्वामी हैं. दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की दूसरी पत्नी बताया गया. इन रिपोर्ट्स के बाद राधिका की कई पुरानी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं. हालांकि, एक अग्रेंजी अखबार ने दावा किया है कि करीब एक दशक साथ रहने के बाद राधिका और कुमारस्वामी अलग हो गए.

कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद राधि‍का कुमारस्वामी के लाइमलाइट में आने की वजह एचडी कुमारस्वामी हैं. कुमारस्वामी की पत्नी को लेकर कंफ्यूजन है. क्योंकि, कानूनी रूप से उनकी पत्नी अनिता कुमारस्वामी हैं. जिससे उन्होंने 1986 में शादी की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुमारस्वामी ने राधि‍का से साल 2006 में गुपचुप शादी की थी. दोनों की एक बेटी भी है जिसका नाम शमिका कुमारस्वामी है. हालांकि कुमारस्वामी या उनके परिवार ने कभी भी राधि‍का को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है. कुमारस्वामी की दूसरी शादी को लेकर हिंदू विवाह अधिनियम के तहत कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी. हालांकि सबूतों के अभाव में कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. वैसे 2015 में इस तरह की खबरें भी आईं कि कुमारस्वामी और राधिका अब अलग हो गए हैं. लेकिन पिछले साल राधिका ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनके नाम में अब भी कुमारस्वामी जुड़ा है और अंत तक जुड़ा रहेगा.
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